पिपरी–राका रेती घाट पर रातों-रात खुलेआम अवैध रेत खनन!
अधिकारियों–रेत माफिया की मिलीभगत पर सवाल
| सडक अर्जुनी
सड़क अर्जुनी तहसील के पिपरी/राका रेती घाट से रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों की मदद से खुलेआम अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। यह रेत खुले बाजार में चार से पाँच हजार रुपये प्रति ट्रॉली के भाव से बेची जा रही है।
सरकार के निर्देशानुसार अवैध रेत खनन पर रोक लगाने और राजस्व की हानि से बचने के लिए तलाठी मंडल व संबंधित कर्मचारियों की एक टीम गठित की गई थी। लेकिन इसके बावजूद पिपरी–राका घाट पर रात के समय धड़ल्ले से रेत उत्खनन जारी है। इससे अधिकारियों और रेत तस्करों के बीच मिलीभगत की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
एक ओर सरकार रेत तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून बना रही है, वहीं दूसरी ओर तस्कर कथित रूप से कुछ अधिकारियों के संरक्षण में कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। इसके कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
रातभर ट्रैक्टरों की आवाजाही से स्थानीय नागरिकों की नींद हराम हो रही है, वहीं शालेय विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। नागरिकों का कहना है कि रात के समय ट्रैक्टरों का कर्कश शोर पूरे क्षेत्र में परेशानी का कारण बन गया है।
जनता ने मांग की है कि कलेक्टर महोदय स्वयं पिपरी–राका रेती घाट का पंचनामा कराएँ और अवैध रेत खनन में शामिल संबंधित अधिकारियों व रेत तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि इस अवैध धंधे पर तत्काल रोक लग सके।

