सौंदड़ ग्रामसभा में जनता का कौल स्पष्ट!
उपसरपंच के खिलाफ ग्रामसभा का कौल; सर्वसम्मति से प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय — सरपंच हर्ष मोदी के पक्ष में जनसमर्थन का ठोस संदेश!
सौंदड़, तहसील सड़क अर्जुनी, जिला गोंदिया :
सौंदड़ ग्रामपंचायत की ग्रामसभा उत्साहपूर्ण, जनभागीदारी और सार्वजनिक हित के वातावरण में संपन्न हुई। बारिश की स्थिति के बावजूद ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामपंचायत की ओर से पंडाल, माइक, कुर्सियां एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। लगभग 400 से 600 ग्रामीणों की उपस्थिति इस ग्रामसभा की विशेषता रही।
विकास कार्यों सहित 9 महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा
ग्रामसभा में निर्धारित एजेंडे के अनुसार निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही एवं मंजूरी के संबंध में निर्णय लिए गए—
1) पिछली ग्रामसभा की कार्यवाही पढ़कर कायम की गई।
2) विभिन्न शासकीय परिपत्रों पर चर्चा की गई।
3) गांव में 100 प्रतिशत कर वसूली के संबंध में जनजागृति एवं नागरिकों को आवश्यक जानकारी देने पर चर्चा की गई।
4) वर्ष 2026-2027 के पूर्व नियोजन आराखड़े तथा वर्ष 2027-2028 के वार्षिक विकास आराखड़े तैयार कर मंजूरी प्रदान करने के संबंध में चर्चा की गई।
5) ग्राम विकास की दृष्टि से नागरी सुविधाएं, 15वां वित्त आयोग, ग्रामनिधि, दलित बस्ती, माझी वसुंधरा, ग्राम जलापूर्ति निधि, तांडा बस्ती, जि. रामजी, 2515, 3054 तथा विधायक-सांसद योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का चयन कर उन्हें मंजूरी देने के संबंध में चर्चा की गई।
6) वर्ष 2026-27 में आने वाले नवरात्रोत्सव, विजयादशमी (दशहरा), दीपावली, मंडई एवं अन्य त्योहारों को ग्रामपंचायत के माध्यम से मनाने के संबंध में चर्चा कर मंजूरी प्रदान की गई।
7) वर्ष 2024-2025 के आर्थिक वर्ष में हुए लेखा परीक्षण की जानकारी ग्रामसभा के समक्ष प्रस्तुत कर उस पर चर्चा की गई।
8) वर्ष 2026-2027 के 16वें वित्त आयोग के आराखड़े का वाचन कर उस पर चर्चा की गई तथा मंजूरी प्रदान की गई।
9) प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की सूची में जिन पात्र लाभार्थियों के नाम शामिल नहीं हुए हैं, ऐसे लाभार्थियों के नाम नियोजन सूची में शामिल करने तथा प्राप्त लाभार्थियों में से चयन कर प्राथमिकता क्रम के अनुसार सूची तैयार करने को ग्रामसभा की मंजूरी देने के संबंध में निर्णय लिया गया।
उपसरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों पर ग्रामसभा में खुली चर्चा
ग्रामसभा में सबसे अधिक चर्चा का विषय उपसरपंच रोशन शिवणकर द्वारा सरपंच हर्ष विनोदकुमार मोदी पर लगाए गए आरोप रहे। ग्रामीणों की ओर से यह विषय ग्रामसभा के समक्ष रखा गया।
इस पर सरपंच हर्ष मोदी ने उपस्थित ग्रामीणों के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामपंचायत में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया अथवा कार्यों के क्रियान्वयन में अनियमितता की संभावना हो सकती है, लेकिन “अनियमितता का अर्थ भ्रष्टाचार” ऐसा सीधा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। भ्रष्टाचार और अनियमितता दो अलग-अलग विषय हैं तथा किसी भी आरोप की सत्यता सक्षम प्राधिकरण की जांच, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होना आवश्यक है।
उपसरपंच के खिलाफ प्रस्ताव शासन को भेजने का सर्वसम्मति से निर्णय
सोशल मीडिया के माध्यम से बार-बार सरपंच पद तथा सरपंच के विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों के मुद्दे पर भी ग्रामसभा में विस्तृत चर्चा हुई।
ग्रामीणों द्वारा व्यक्त की गई भूमिका के बाद उपसरपंच रोशन शिवणकर के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर उसे शासन एवं संबंधित प्रशासन के पास भेजने का निर्णय ग्रामसभा में सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।
ग्रामीणों की ओर से यह भावना व्यक्त की गई कि यह विषय केवल किसी एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरपंच पद की गरिमा, ग्रामपंचायत संस्था की प्रतिष्ठा तथा संपूर्ण गांव के हित से जुड़ा हुआ विषय है।
सरपंच हर्ष मोदी के पक्ष में जनसमर्थन का स्पष्ट चित्र
ग्रामसभा में बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता और चर्चा के दौरान व्यक्त की गई प्रतिक्रियाओं से सरपंच हर्ष मोदी के नेतृत्व पर ग्रामीणों का विश्वास और जनसमर्थन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
ग्रामसभा के वातावरण में नागरिकों का सरपंच के साथ सीधा संवाद और सहभागिता भी प्रमुखता से दिखाई दी। सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय ग्रामसभा ही लोकतांत्रिक चर्चा का उचित मंच है, जहां जनता के सामने विषय रखे जाएं, दोनों पक्षों को सुना जाए और वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए—ऐसा संदेश ग्रामसभा से सामने आया।
बारिश में भी 400 से 600 नागरिकों की उपस्थिति
बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में ग्रामीण ग्रामसभा में उपस्थित रहे। ग्रामपंचायत की ओर से पंडाल, माइक, कुर्सियां और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।
बारिश के बावजूद लगभग 400 से 600 नागरिकों की उपस्थिति ग्रामसभा में जनभागीदारी की मजबूत मिसाल बनी। विकास कार्यों से लेकर शासकीय योजनाओं तक, ग्रामनिधि से लेकर आवास योजना तक तथा सार्वजनिक समस्याओं से लेकर आरोप-प्रत्यारोप तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होने के कारण सौंदड़ की ग्रामसभा विशेष चर्चा का विषय बनी।
“जनता के सामने विषय, ग्रामसभा में चर्चा और ग्रामहित में निर्णय”
सौंदड़ ग्रामसभा ने विकास के मुद्दों के साथ-साथ ग्रामपंचायत प्रशासन में पारदर्शिता, जनभागीदारी और ग्रामहित के विषयों पर सीधे संवाद की भूमिका को सामने रखा।
बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों के कारण सौंदड़ ग्रामसभा में जनता का कौल और जनभागीदारी की ताकत स्पष्ट रूप से सामने आई।

