36 गढ़ में कबाड़ का कारोबार बंद, फिर भी नागपुर की ओर दौड़ रहे 10 ते 15 ट्रक रोजाना
हाईवे पर बेखौफ चल रहा कबाड़ परिवहन, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
गोंदिया : 36 गढ़ क्षेत्र में प्रशासन द्वारा कबाड़ के कारोबार पर कार्रवाई कर उसे बंद किए जाने के बावजूद हाईवे पर रोजाना 4 से 5 ट्रक कबाड़ लेकर नागपुर की दिशा में जाते दिखाई देने की बात सामने आई है। इससे कबाड़ के इस पूरे कारोबार को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन ट्रकों में कार, ट्रक, मोटरसाइकिल समेत विभिन्न वाहनों का कबाड़ बड़ी मात्रा में ले जाया जा रहा है। सवाल यह है कि जब 36 गढ़ क्षेत्र में कबाड़ का कारोबार बंद कर दिया गया है, तो इतनी बड़ी मात्रा में कबाड़ आखिर कहां से आ रहा है और नागपुर में किसके पास भेजा जा रहा है?
चोरी के वाहनों के पार्ट्स शामिल होने की आशंका
कबाड़ में चोरी किए गए वाहनों के पार्ट्स अथवा चोरी का सामान शामिल होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पुलिस एवं संबंधित प्रशासन को ट्रकों की जांच, कबाड़ के दस्तावेज, वाहन के इंजन एवं चेसीस नंबर तथा कबाड़ के स्रोत की जांच करना आवश्यक है।
कई सवालों के जवाब जरूरी
कबाड़ आखिर कहां से लाया जा रहा है?
रोजाना जाने वाले ट्रक किसके हैं?
कबाड़ के वैध दस्तावेज हैं या नहीं?
कबाड़ नागपुर में किसके पास बेचा जा रहा है?
क्या इसमें चोरी के वाहनों के पार्ट्स भी शामिल हैं?
प्रशासन से तत्काल जांच की मांग
इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर कबाड़ के स्रोत से लेकर नागपुर तक पहुंचने वाले नेटवर्क की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है। यदि कबाड़ का परिवहन नियमों के विरुद्ध हो रहा है तो संबंधित वाहन मालिकों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन द्वारा कबाड़ कारोबार बंद किए जाने के बावजूद यदि प्रतिदिन ट्रकों से बड़े पैमाने पर कबाड़ परिवहन हो रहा है, तो यह कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
नोट: ऊपर की खबर में स्थानीय सूत्रों द्वारा बताए गए आरोप/आशंकाओं को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि जांच के विषय के रूप में रखा गया है।

