प्रमोद पांडे की कथित लापरवाही की वजह से हाईवे नंबर 53 पर बने फ्लाईओवर की हालत खतरनाक हो गई है
गोंदिया = मुंबई-कोलकाता नेशनल हाईवे नंबर 53 पर बने छह लेन वाले फ्लाईओवर के काम करने के तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमोद पांडे की कथित लापरवाही और रखरखाव की कमी की वजह से पुल का काम प्रभावित हुआ है, और कहा जा रहा है कि इससे संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान ज़रूरी टेक्निकल इंस्पेक्शन, क्वालिटी कंट्रोल और रेगुलर मॉनिटरिंग की गई थी। प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका के साथ-साथ पुल के निर्माण के टेक्निकल पहलुओं की एक सक्षम सिस्टम से जांच की मांग की जा रही है।
मांग की जा रही है कि अगर पुल के काम में कोई गलती हुई है, तो उसकी ज़िम्मेदारी तय की जाए और नियमों के मुताबिक संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यह भी मांग की जा रही है कि प्रोजेक्ट में शामिल अधिकारियों की क्वालिफिकेशन, अनुभव और ज़िम्मेदारी की भी संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाए।

